महान मूर्तिकार राम वी. सुतार का निधन, CM योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

महान मूर्तिकार, विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के शिल्पकार और पद्म भूषण से सम्मानित श्री राम. वी. सुतार जी का निधन न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जाना उस युग का अंत है, जिसने भारतीय शिल्पकला को वैश्विक पहचान दिलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राम वी. सुतार जी ने अपनी कला से भारत की सांस्कृतिक आत्मा को पत्थर और धातु में जीवंत कर दिया।
राम वी. सुतार जी का जीवन संघर्ष, साधना और सृजन का अद्भुत संगम था। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा और अथक परिश्रम से विश्व पटल पर भारत की मूर्तिकला को स्थापित किया। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, जो लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है, आज भारत की एकता, दृढ़ता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन चुकी है। यह प्रतिमा न केवल तकनीकी दृष्टि से अद्वितीय है, बल्कि भावनात्मक और ऐतिहासिक रूप से भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने शोक संदेश में कहा कि राम वी. सुतार जी की कृतियां आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, समर्पण और सृजनशीलता की प्रेरणा देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि सुतार जी ने भारतीय इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों को अपनी कला के माध्यम से अमर कर दिया। उनकी बनाई गई मूर्तियां केवल शिल्प नहीं, बल्कि जीवंत इतिहास हैं।
राम वी. सुतार जी को पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि लोगों के दिलों में बसना था। उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार पटेल सहित अनेक महापुरुषों की मूर्तियां गढ़कर उन्हें जन-जन तक पहुंचाया। उनकी कला में भारतीयता की आत्मा स्पष्ट झलकती है।
आज उनके निधन से कला जगत शोकाकुल है, लेकिन उनकी कृतियां उन्हें सदैव जीवित रखेंगी। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि राम वी. सुतार जी ने भारतीय मूर्तिकला को अमरता प्रदान की। पूरा देश इस महान कलाकार को नमन करता है और उनके योगदान को सदैव स्मरण रखेगा। विनम्र श्रद्धांजलि।



