
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इजरायल दौरे से पहले अपने बयान में भारत और Israel के बीच गहरे होते संबंधों को नई ऊंचाई देने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि इजरायली संसद Knesset को संबोधित करना उनके लिए सम्मान की बात है और यह दोनों देशों की मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और इजरायल के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि नवाचार, कृषि, रक्षा, जल प्रबंधन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच विश्वास और साझेदारी और मजबूत हुई है, जिससे साझा विकास के नए अवसर खुले हैं। पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई, स्टार्टअप और इनोवेशन में सहयोग तथा रक्षा क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद का समर्थन करता है और सभी पक्षों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि वे भारत-इजरायल रिश्तों की सशक्त कड़ी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती देगा और 21वीं सदी की चुनौतियों का मिलकर सामना करने में मदद करेगा। पीएम ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि लोकतंत्र, नवाचार और विकास के साझा मूल्यों के आधार पर भारत और इजरायल मिलकर वैश्विक मंच पर सकारात्मक योगदान देंगे।



