लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं का स्कूल मर्जर पर हंगामा, CM बोले- कोई स्कूल बंद नहीं होगा

लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को स्कूल मर्जर नीति के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बापू भवन चौराहे पर पहुंचकर नारेबाजी की और सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलय से ग्रामीण और गरीब तबके के बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ेगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे मौके पर हल्का तनाव भी देखने को मिला।
सपा नेताओं का आरोप था कि सरकार मर्जर के नाम पर कई स्कूलों को बंद करने की तैयारी कर रही है, जिससे बच्चों को दूर-दराज के क्षेत्रों में पढ़ने के लिए जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) की भावना के विपरीत है और इससे ड्रॉपआउट दर में इजाफा होगा। सपा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सरकार इस निर्णय को तुरंत वापस ले और सभी स्कूलों को यथावत चलाया जाए।
इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी सरकारी स्कूल को बंद करने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है और मर्जर की प्रक्रिया का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है, न कि स्कूलों को बंद करना। CM ने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी छात्र को पढ़ाई में बाधा नहीं होगी और सभी बच्चों को नजदीकी स्कूलों में ही शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल मर्जर नीति सही तरीके से लागू हो तो यह संसाधनों का समुचित उपयोग और बेहतर शैक्षिक माहौल बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसका क्रियान्वयन पारदर्शी और स्थानीय जरूरतों के अनुसार होना जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान अभी जारी है, और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है।



