
Easter Sunday का जश्न बिना अंडों के अधूरा माना जाता है। अंडे पुनर्जन्म और जीवन के नए आरंभ का प्रतीक माने जाते हैं। इतिहासकार बताते हैं कि यह परंपरा यूरोप में शुरू हुई थी, जब लोग वसंत ऋतु में अंडों को सजाते और रंगते थे। बाद में इसे ईसाई त्योहार के हिस्से के रूप में शामिल कर लिया गया।
अंडे को रंगने और सजाने की रस्म खास तौर पर बच्चों में बहुत लोकप्रिय है। यह सिर्फ सजावट नहीं बल्कि जीवन और आशा का संदेश भी देती है। Easter Bunny की कहानियों में भी अंडे खुशियों और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं।
आज के समय में, अंडे सिर्फ परंपरा ही नहीं, बल्कि क्रिएटिविटी और फन एक्टिविटी का हिस्सा बन गए हैं। दुनियाभर में लोग Easter Sunday पर अंडे रंगकर परिवार और दोस्तों के साथ साझा करते हैं, जिससे त्योहार और भी रंगीन और खुशियों भरा बन जाता है।



