ब्लड प्रेशर यानी BP की जांच करते समय अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि इसे बाएं हाथ में मापना चाहिए या दाएं हाथ में। आम तौर पर दोनों हाथों में BP मापा जा सकता है और शुरुआती जांच के दौरान दोनों हाथों की रीडिंग लेना उपयोगी हो सकता है। इसके बाद डॉक्टर जरूरत के अनुसार आगे की जांच के लिए उस हाथ की रीडिंग को आधार बना सकते हैं, जिसमें BP अधिक आता है।
दोनों हाथों में ब्लड प्रेशर की रीडिंग में थोड़ा अंतर होना सामान्य हो सकता है। शरीर की रक्त वाहिकाओं की बनावट, रक्त प्रवाह और मापने की स्थिति जैसे कारणों से रीडिंग अलग आ सकती है। हालांकि, अगर दोनों हाथों के BP में अंतर लगातार और काफी अधिक दिखाई देता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
सही BP रीडिंग के लिए मापने से पहले कुछ देर आराम करना चाहिए। कुर्सी पर पीठ को सहारा देकर बैठें, पैर जमीन पर रखें और जिस हाथ में BP मापा जा रहा है उसे आराम से हृदय की ऊंचाई पर रखें। कफ को सही आकार में और बांह पर उचित स्थान पर लगाना भी जरूरी है। माप के दौरान बात करने या हिलने-डुलने से रीडिंग प्रभावित हो सकती है।
एक ही रीडिंग के आधार पर हाई BP का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। अलग-अलग समय पर सही तरीके से ली गई रीडिंग और डॉक्टर की सलाह को साथ में देखना जरूरी है। यदि BP लगातार सामान्य से अधिक या दोनों हाथों के बीच असामान्य अंतर के साथ आता है, तो चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।



