पतले लोगों को भी हो सकता है फैटी लिवर, जानें कारण

अगर आपका वजन कम या सामान्य है तो इसका मतलब यह नहीं कि आपका लिवर पूरी तरह स्वस्थ है। शरीर के अंदर जमा विसरल फैट और मेटाबॉलिक समस्याएं बाहर से पतले दिखने वाले व्यक्ति में भी फैटी लिवर का जोखिम बढ़ा सकती हैं। खासतौर पर इंसुलिन रेजिस्टेंस, डायबिटीज, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे कारकों पर ध्यान देना जरूरी है।
लीन फैटी लिवर अक्सर शुरुआती दौर में स्पष्ट लक्षण नहीं देता। कुछ लोगों में थकान या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में असहजता हो सकती है, लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर इसका पता लगाना मुश्किल होता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट और इमेजिंग जांच की सलाह दे सकते हैं।
इसके पीछे केवल वजन ही जिम्मेदार नहीं होता। ज्यादा चीनी या फ्रुक्टोज का सेवन, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स, कम शारीरिक गतिविधि, शरीर में फैट का असामान्य वितरण और कुछ आनुवंशिक कारण भी भूमिका निभा सकते हैं। कुछ दवाएं और अन्य चिकित्सीय स्थितियां भी लिवर में फैट जमा होने से जुड़ी हो सकती हैं।
फैटी लिवर को नजरअंदाज करने से समस्या गंभीर रूप ले सकती है। कुछ मामलों में लिवर में सूजन और नुकसान के बाद फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी स्थितियां विकसित हो सकती हैं। इसलिए केवल शरीर के वजन या दिखने के आधार पर लिवर की सेहत का अंदाजा लगाना सही नहीं है।
लिवर की सेहत के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और ज्यादा चीनी वाले खाद्य-पेय पदार्थों को सीमित करना मददगार हो सकता है। अगर डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ट्राइग्लिसराइड्स या अन्य मेटाबॉलिक जोखिम मौजूद हैं, तो डॉक्टर से उचित जांच और सलाह लेना बेहतर है।



