Diabetes: खाना खाते ही नींद क्यों आती है? जानें कब हो सकती है चिंता की बात

खाना खाते ही नींद आने की एक वजह भोजन की मात्रा और उसकी संरचना भी हो सकती है। भारी भोजन या अधिक कार्बोहाइड्रेट और वसा वाला खाना खाने के बाद शरीर में होने वाले बदलावों के कारण कुछ लोगों को सुस्ती महसूस हो सकती है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर की निगरानी महत्वपूर्ण है। CDC के मुताबिक, डॉक्टर की सलाह के अनुसार भोजन शुरू करने के करीब दो घंटे बाद शुगर की जांच की जा सकती है। सामान्य तौर पर कई वयस्कों के लिए भोजन शुरू होने के दो घंटे बाद 180 mg/dL से कम का लक्ष्य इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन व्यक्तिगत लक्ष्य अलग हो सकते हैं।
अगर खाना खाने के बाद नींद के साथ पसीना, हाथ कांपना, तेज भूख, चक्कर, कमजोरी, घबराहट या भ्रम जैसे लक्षण भी हों, तो लो ब्लड शुगर की संभावना पर ध्यान देना चाहिए। बहुत कम शुगर गंभीर स्थिति बन सकती है।
वहीं बहुत ज्यादा ब्लड शुगर में थकान के साथ अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे लक्षण लगातार दिखें तो डॉक्टर से परामर्श और ब्लड ग्लूकोज की जांच जरूरी है।
डायबिटीज में बार-बार भोजन के तुरंत बाद अत्यधिक नींद आने को केवल सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। भोजन, दवाओं और शुगर रीडिंग का रिकॉर्ड रखने से डॉक्टर को समस्या के कारण का आकलन करने में मदद मिल सकती है। व्यक्तिगत दवा या भोजन में बदलाव डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।



