
अक्सर माना जाता है कि ब्लड शुगर की समस्या केवल Diabetes से पीड़ित लोगों में ही होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। कई बार नॉन-डायबिटिक लोगों में भी शुगर लेवल तेजी से घट-बढ़ सकता है। यह स्थिति गलत खानपान, लंबे समय तक भूखे रहने, ज्यादा मीठा खाने या अचानक भारी एक्सरसाइज करने के कारण हो सकती है। इसके अलावा तनाव और हार्मोनल बदलाव भी ब्लड शुगर को प्रभावित करते हैं।
शुगर लेवल के अचानक गिरने (हाइपोग्लाइसीमिया) पर चक्कर आना, कमजोरी, पसीना आना और दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण दिख सकते हैं। वहीं, शुगर बढ़ने पर थकान, ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
बचाव के लिए जरूरी है कि आप संतुलित आहार लें और लंबे समय तक खाली पेट न रहें। नियमित अंतराल पर हल्का-फुल्का खाना, पर्याप्त पानी पीना और शुगर युक्त चीजों का सीमित सेवन करना मददगार होता है। साथ ही, नियमित व्यायाम करें लेकिन ओवरएक्सर्शन से बचें। अगर बार-बार शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव महसूस हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है ताकि समय रहते सही इलाज और सलाह मिल सके।



