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बिना दिल की बीमारी और हाई बीपी के भी क्यों पड़ सकता है हार्ट अटैक? जानें छिपी वजहें

अक्सर यह माना जाता है कि हार्ट अटैक सिर्फ उन्हीं लोगों को आता है जिन्हें पहले से दिल की बीमारी हो या जो हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या से जूझ रहे हों। लेकिन बीते कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बिल्कुल फिट दिखने वाले, नियमित व्यायाम करने वाले और सामान्य मेडिकल रिपोर्ट रखने वाले लोगों को भी अचानक हार्ट अटैक हो गया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इसकी असली वजह क्या है?

विशेषज्ञ बताते हैं कि हार्ट अटैक का संबंध केवल हाई बीपी या पुरानी हृदय रोग से ही नहीं है। कई बार शरीर के अंदर ऐसी प्रक्रियाएं चल रही होती हैं जिनका पता सामान्य जांच में तुरंत नहीं चलता। उदाहरण के लिए, धमनियों में चुपचाप जमा हो रहा कोलेस्ट्रॉल या प्लाक अचानक फट सकता है, जिससे खून का थक्का बनता है और दिल तक रक्त की आपूर्ति रुक जाती है। यही स्थिति हार्ट अटैक का कारण बनती है।

इसके अलावा अत्यधिक तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान, अनियमित खानपान और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत भी जोखिम बढ़ाती है। आजकल युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों के पीछे लाइफस्टाइल को बड़ा कारण माना जा रहा है। कई लोग बाहर से स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर उनका शरीर लगातार दबाव झेल रहा होता है।

कुछ मामलों में आनुवांशिक कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर परिवार में पहले किसी को कम उम्र में हृदय रोग हुआ है, तो बाकी सदस्यों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। नियमित हेल्थ चेकअप, लिपिड प्रोफाइल, शुगर लेवल और दिल की जांच समय-समय पर कराते रहना बेहद जरूरी है।

डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि सीने में दर्द, भारीपन, सांस फूलना, अचानक पसीना आना या थकान जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तुरंत मेडिकल मदद लेने से जान बचाई जा सकती है।

इसलिए यह सोचना कि “मुझे कोई बीमारी नहीं है, मुझे हार्ट अटैक नहीं आएगा” एक खतरनाक भ्रम हो सकता है। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव को नियंत्रित रखना ही दिल को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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