
विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने एंटी पेपर लीक बिल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के अधिकारों की रक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पेपर लीक की घटनाएं लंबे समय से छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी चिंता का विषय रही हैं। ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचता है और परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित होता है।
सरकार की ओर से लाए गए इस कानून का उद्देश्य परीक्षा में धोखाधड़ी, प्रश्नपत्र लीक और संगठित नकल जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है। इसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
बिल के प्रमुख उद्देश्य:
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना
- पेपर लीक और नकल माफिया पर लगाम लगाना
- छात्रों के हितों की रक्षा करना
- परीक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना
जयशंकर ने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिलना जरूरी है, क्योंकि देश के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि परीक्षा संचालन में तकनीकी सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही को भी मजबूत करना होगा।
नोट: किसी भी कानून का प्रभाव उसके प्रभावी क्रियान्वयन और संस्थागत व्यवस्था पर निर्भर करता है।


