
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) की NCRB 2024 रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों के आंकड़ों में बदलाव ने नई बहस को जन्म दिया है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ श्रेणियों में मामलों की संख्या में गिरावट दिखाई गई है, जबकि कुछ में स्थिरता या मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
इस स्थिति के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या वास्तव में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी आई है या फिर मामलों की रिपोर्टिंग और दर्ज करने के तरीके में बदलाव हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध के आंकड़ों को समझने के लिए केवल संख्या नहीं, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक संदर्भ को भी देखना जरूरी है।
महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई बार सामाजिक दबाव या शिकायत दर्ज कराने में झिझक के कारण वास्तविक आंकड़े पूरी तरह सामने नहीं आ पाते। वहीं प्रशासन का दावा है कि रिपोर्टिंग सिस्टम पहले से अधिक पारदर्शी हुआ है और डेटा संग्रह में सुधार हुआ है। इस रिपोर्ट ने महिला सुरक्षा को लेकर नीति और जमीनी हकीकत पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है।



