महाराष्ट्र में POP गणेश मूर्तियों पर इस साल प्रतिबंध नहीं, धीरे-धीरे खत्म करने की तैयारी

महाराष्ट्र में गणेश उत्सव से पहले प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी गणेश मूर्तियों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इस साल POP मूर्तियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू करना संभव नहीं होगा, बल्कि इन्हें धीरे-धीरे चलन से बाहर करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
POP मूर्तियों के पर्यावरणीय प्रभाव को देखते हुए लंबे समय से इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग उठती रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि POP से बनी मूर्तियों के विसर्जन के दौरान जल स्रोतों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
सरकार का जोर अब मिट्टी से बनी पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा देने पर है। इसके लिए मूर्ति निर्माताओं और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हालांकि, अचानक प्रतिबंध लगाने से मूर्ति बनाने वाले कारीगरों और छोटे व्यवसायों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन चरणबद्ध बदलाव की नीति अपनाने पर विचार कर रहा है।
गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र का प्रमुख त्योहार है और लाखों लोग इसमें हिस्सा लेते हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के बीच संतुलन बनाते हुए POP मूर्तियों को कम करने की कोशिश की जा रही है।



