देश

PMLA Tribunal Cases: सुप्रीम कोर्ट ने ED से मांगी लंबित मामलों की जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामलों की सुनवाई में हो रही देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने PMLA न्यायाधिकरण में लंबित मामलों की स्थिति को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जानकारी मांगी है।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय का ध्यान उन मामलों की ओर गया जिनमें संपत्तियों की अटैचमेंट से संबंधित कार्यवाही लंबे समय से लंबित है। कोर्ट ने इस तरह के मामलों की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह जानने की कोशिश की कि PMLA न्यायाधिकरण के समक्ष कितने मामले लंबित हैं और उनमें अटैच की गई संपत्तियों से संबंधित कार्यवाही किस चरण में है। इसके लिए ED से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

PMLA के तहत प्रवर्तन निदेशालय को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई का अधिकार है। हालांकि, ऐसी कार्रवाई से जुड़े मामलों में न्यायाधिकरण की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि अटैचमेंट की पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई इसी प्रक्रिया से जुड़ी होती है।

लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से PMLA न्यायाधिकरणों में मामलों के निपटारे की गति पर ध्यान केंद्रित हुआ है। अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कानूनी प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबे समय तक लंबित न रहे।

ED से मांगी गई जानकारी के आधार पर न्यायालय को PMLA न्यायाधिकरण में लंबित मामलों की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी। इसके बाद कोर्ट इस मुद्दे पर आगे आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकता है।

PMLA से जुड़े मामलों में संपत्ति अटैचमेंट और न्यायाधिकरण की कार्यवाही का सीधा संबंध जांच और कानूनी प्रक्रिया से है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Zee NewsTimes

Founded in 2018, Zee News Times has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button