विदेशी फंडिंग कानून पर शशि थरूर ने केंद्र को घेरा, बोले- भारतीयों को होगी परेशानी

विदेशी फंडिंग कानून को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए नियमों से कई भारतीय नागरिकों और संस्थाओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
थरूर का कहना है कि विदेशी योगदान से जुड़े नियमों में पारदर्शिता और निगरानी जरूरी है, लेकिन ऐसे प्रावधान नहीं होने चाहिए जिनसे वैध गतिविधियों में लगे संगठनों और लोगों के लिए अनावश्यक मुश्किलें पैदा हों। उन्होंने सरकार से इस मामले में व्यापक चर्चा की जरूरत बताई।
केंद्र सरकार की ओर से विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों को राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बताया जाता रहा है। सरकार का तर्क है कि विदेशी धन के इस्तेमाल में जवाबदेही और निगरानी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
वहीं, विपक्ष का कहना है कि नियमों के सख्त होने से गैर-सरकारी संगठनों, शोध संस्थानों और सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
शशि थरूर के बयान के बाद विदेशी फंडिंग कानून एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब देखना होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आगे किस तरह की बहस होती है।



