भारतीय मानक समय के लिए ‘व्हाइट रैबिट’ नेटवर्क शुरू, GPS पर निर्भरता होगी कम

भारत ने सटीक और भरोसेमंद भारतीय मानक समय (Indian Standard Time-IST) उपलब्ध कराने के लिए ‘व्हाइट रैबिट’ टेक्नोलॉजी पर आधारित एक उन्नत नेटवर्क शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देश में समय की सटीकता को बेहतर बनाना और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विदेशी GPS आधारित समय प्रणालियों पर निर्भरता को कम करना है। यह तकनीक वैज्ञानिक संस्थानों, दूरसंचार नेटवर्क, वित्तीय सेवाओं और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
‘व्हाइट रैबिट’ एक हाई-प्रिसिजन टाइम सिंक्रोनाइजेशन तकनीक है, जो नैनोसेकंड स्तर तक समय का तालमेल स्थापित करने में सक्षम मानी जाती है। इसके जरिए देशभर में एक समान और अधिक सटीक समय संकेत उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जिससे विभिन्न डिजिटल और औद्योगिक प्रणालियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
भारत में सटीक समय निर्धारण की जिम्मेदारी लंबे समय से राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL) जैसे वैज्ञानिक संस्थानों के पास रही है। नई तकनीक के इस्तेमाल से IST को विभिन्न क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की क्षमता बढ़ेगी।
सटीक समय नेटवर्क का महत्व आज के डिजिटल युग में काफी बढ़ गया है। बैंकिंग लेनदेन, शेयर बाजार, 5G नेटवर्क, बिजली ग्रिड, नेविगेशन सिस्टम और रक्षा क्षेत्र में कुछ माइक्रोसेकंड का अंतर भी महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में स्वदेशी समय नेटवर्क तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस पहल से भारत अपनी डिजिटल और रणनीतिक प्रणालियों को और मजबूत बना सकेगा। विदेशी उपग्रह आधारित समय सेवाओं पर निर्भरता कम होने से राष्ट्रीय स्तर पर डेटा सुरक्षा और तकनीकी नियंत्रण भी बेहतर होने की उम्मीद है। ‘व्हाइट रैबिट’ नेटवर्क भारत की वैज्ञानिक क्षमता और स्वदेशी तकनीकी विकास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।



