दीपक म्हस्के कौन हैं? अमित मालवीय की जगह संभालेंगे BJP सोशल मीडिया की कमान

भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के साथ पार्टी के डिजिटल संगठन में भी बड़ा बदलाव हुआ है। लंबे समय तक बीजेपी की आईटी रणनीति का अहम चेहरा रहे अमित मालवीय की जगह अब दीपक म्हस्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
दीपक म्हस्के मूल रूप से छत्तीसगढ़ भाजपा से जुड़े नेता हैं। पार्टी संगठन में काम करने के अलावा वह आईटी और सोशल मीडिया से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक 2018 में उन्होंने छत्तीसगढ़ भाजपा के आईटी सेल के समन्वयक के तौर पर काम किया था और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने में भूमिका निभाई थी।
म्हस्के की खास पहचान उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि को लेकर भी है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनका जुड़ाव शिक्षा और केमिस्ट्री के क्षेत्र से रहा। इसी वजह से उनकी कहानी को अक्सर केमिस्ट्री की क्लासरूम से भाजपा के डिजिटल वॉर रूम तक के सफर के रूप में पेश किया जा रहा है।
दीपक म्हस्के भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर भी काम कर चुके हैं। संगठन और मीडिया से जुड़े अनुभव के कारण उन्हें पार्टी के डिजिटल संदेश को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है। हाल में उन्हें छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
बीजेपी के डिजिटल संगठन में यह बदलाव केवल एक पद परिवर्तन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। पार्टी ने नई व्यवस्था में सोशल मीडिया विभाग को अलग तरीके से व्यवस्थित किया है। दीपक म्हस्के के साथ अलग-अलग राज्यों से सोशल मीडिया सह-संयोजकों को भी जिम्मेदारी दी गई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल नेटवर्क को और मजबूत करने की कोशिश नजर आती है।
अमित मालवीय करीब 11 वर्षों तक बीजेपी के आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक रहे। 2015 से पार्टी की डिजिटल रणनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब नेतृत्व परिवर्तन के साथ बीजेपी ने सोशल मीडिया टीम में नए चेहरों को आगे बढ़ाया है। मालवीय ने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए दीपक म्हस्के को भी बधाई दी है।
नई जिम्मेदारी के साथ म्हस्के के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा के डिजिटल संदेश को देशभर में प्रभावी तरीके से पहुंचाने की होगी। सोशल मीडिया पर तेजी से बदलते ट्रेंड, शॉर्ट वीडियो, युवा मतदाताओं की बदलती पसंद और अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के लिए स्थानीय कंटेंट तैयार करना पार्टी के डिजिटल अभियान के अहम हिस्से होंगे।
आने वाले चुनावों को देखते हुए भाजपा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बेहद महत्वपूर्ण हैं। नई टीम का फोकस केवल प्रचार तक सीमित रहने के बजाय पार्टी के संदेश, संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक नैरेटिव को तेजी से सोशल मीडिया तक पहुंचाने पर हो सकता है। ऐसे में दीपक म्हस्के की संगठनात्मक और डिजिटल पृष्ठभूमि उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर दीपक म्हस्के की नियुक्ति भाजपा के डिजिटल संगठन में पीढ़ीगत और रणनीतिक बदलाव का संकेत देती है। केमिस्ट्री और शिक्षा के क्षेत्र से निकलकर पार्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क की राष्ट्रीय जिम्मेदारी तक पहुंचना उनके राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके नेतृत्व में बीजेपी की डिजिटल रणनीति किस नए अंदाज में सामने आती है।



