Bhai Dooj 2025: जानें इस साल भद्रा का साया रहेगा या नहीं, तिलक का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

भाई दूज 2025 का त्योहार हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाएगा। यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और जीवनभर उनकी रक्षा का वचन देते हैं।
इस साल भाई दूज 2025 की तिथि 21 अक्टूबर (मंगलवार) को पड़ रही है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि 21 अक्टूबर की सुबह 06:30 बजे से शुरू होकर अगले दिन 22 अक्टूबर की सुबह 08:10 बजे तक रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस साल भाई दूज पर भद्रा का साया नहीं रहेगा, इसलिए पूरे दिन शुभ मुहूर्त में तिलक और पूजा की जा सकती है।
तिलक का शुभ मुहूर्त सुबह 10:45 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक रहेगा। इस समय भाई को तिलक लगाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। यदि कोई इस मुहूर्त में तिलक नहीं कर पाता, तो संध्या काल में सूर्यास्त से पहले भी तिलक कर सकता है।
भाई दूज के दिन बहनें घर को सजाकर विशेष थाली तैयार करती हैं। थाली में रोली, चावल, दीपक, मिठाई और नारियल रखा जाता है। भाई के तिलक के बाद बहन उसे मिठाई खिलाती है और आरती उतारती है। माना जाता है कि इस दिन यमुना नदी में स्नान और यमराज की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान सूर्य की पुत्री यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर बुलाकर तिलक किया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। इसलिए भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है।



