11 साल बाद बढ़ी CGHS दरें: 2000 मेडिकल प्रोसिजर के रेट में इजाफा, जानें नई रेट लिस्ट और बदलाव के फायदे

केंद्र सरकार ने 11 साल बाद सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की दरों में बड़ा इजाफा किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब 2000 से अधिक मेडिकल प्रोसिजर्स की दरों में संशोधन किया गया है। यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिजनों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
CGHS दरों में पिछली बार वर्ष 2014 में संशोधन किया गया था, जिसके बाद अब 2025 में इसे अपडेट किया गया है। नई रेट लिस्ट के मुताबिक, विभिन्न प्रकार की सर्जरी, डायग्नोस्टिक टेस्ट, और अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित सेवाओं की लागत बढ़ाई गई है। उदाहरण के तौर पर, कार्डियक सर्जरी, ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन, लेजर ट्रीटमेंट, और एमआरआई जैसे टेस्ट के लिए अब अधिक भुगतान तय किया गया है। सरकार का कहना है कि यह संशोधन निजी अस्पतालों में बढ़ती मेडिकल लागत और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को ध्यान में रखकर किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नई दरें जल्द ही देशभर में लागू की जाएंगी और सभी CGHS पैनल अस्पतालों को इसके अनुरूप शुल्क निर्धारण का निर्देश दिया गया है। इससे सरकारी कर्मचारियों को इलाज के लिए बार-बार बिल विवाद या रिइम्बर्समेंट की समस्याओं से राहत मिलेगी। नई दरों के लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि अधिक निजी अस्पताल CGHS पैनल में शामिल होंगे, जिससे मरीजों को इलाज के अधिक विकल्प मिलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में यह निर्णय न केवल राहत भरा है बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और सुलभता बढ़ाने वाला भी साबित होगा। सरकार ने कहा है कि आगे भी समय-समय पर CGHS दरों की समीक्षा की जाएगी ताकि लाभार्थियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का पूरा फायदा मिल सके।



