कालाष्टमी पर शनि-राहु का प्रभाव

कालाष्टमी 2026 के अवसर पर भगवान काल भैरव की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस बार ज्योतिष के अनुसार शनि और राहु का संयोग बन रहा है, जिसे काफी प्रभावशाली और कभी-कभी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस योग का असर कुछ राशियों पर मानसिक तनाव, चिंता और अस्थिरता के रूप में देखने को मिल सकता है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान व्यक्ति को अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होती है। अनावश्यक विवादों से बचना और धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है। खासकर वे लोग जिनकी कुंडली में शनि या राहु की स्थिति पहले से कमजोर है, उन्हें अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
किन राशियों पर असर:
कुछ राशियों पर इस संयोग का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है, जिससे मानसिक दबाव, काम में रुकावट और निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, यह प्रभाव पूरी तरह व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है।
उपाय:
इस दिन काल भैरव की पूजा करें, सरसों के तेल का दीपक जलाएं और “ॐ काल भैरवाय नमः” मंत्र का जाप करें। साथ ही शनि और राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए दान-पुण्य करें और जरूरतमंदों की मदद करें।



