25 जुलाई से शादी-सगाई पर लगेगा ब्रेक, जानिए कब से शुरू होंगे शुभ विवाह मुहूर्त

हिंदू धर्म में शादी-विवाह और सगाई जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर विवाह की तिथियां तय की जाती हैं। मान्यता के अनुसार 25 जुलाई 2026 से विवाह जैसे शुभ कार्यों पर कुछ समय के लिए विराम लग सकता है, जिसके बाद शुभ मुहूर्तों में फिर से शहनाइयां गूंजेंगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति विवाह संस्कार के अनुकूल नहीं मानी जाती या विशेष काल चलता है, तो कई परिवार शादी और सगाई जैसे आयोजनों को टाल देते हैं। इसी वजह से शुभ विवाह मुहूर्त की जानकारी पहले से लेना परंपरा का हिस्सा रहा है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार विवाह के लिए तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का विचार किया जाता है। शुभ मुहूर्त में विवाह करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आने की कामना की जाती है।
शुभ विवाह मुहूर्तों की जानकारी के लिए ध्यान रखें:
- विवाह की तारीख तय करने से पहले स्थानीय पंचांग और ज्योतिषाचार्य से परामर्श लिया जाता है।
- अलग-अलग क्षेत्रों में पंचांग गणना के कारण तिथियों में अंतर हो सकता है।
- परिवार की परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार मुहूर्त का चयन किया जाता है।
शादी-विवाह भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। शुभ समय में विवाह करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी बड़ी संख्या में लोग पंचांग के अनुसार तारीख तय करते हैं। 25 जुलाई के बाद विवाह मुहूर्तों का इंतजार कर रहे परिवारों की नजर अब आने वाली शुभ तिथियों पर है।



