भिवानी के बॉक्सरों का दमदार प्रदर्शन: सचिन ने जीता स्वर्ण, ज्योति ने कांस्य पदक अपने नाम किया

हरियाणा के खेल नगरी कहलाने वाले भिवानी ने एक बार फिर पूरे देश में अपना परचम लहराया है। चेन्नई में आयोजित सीनियर फेडरेशन कप बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में भिवानी के दो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। भिवानी के सचिन ने पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर हरियाणा का नाम रोशन किया, जबकि महिला वर्ग में ज्योति ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया।
यह प्रतियोगिता तमिलनाडु बॉक्सिंग एसोसिएशन और इंडियन बॉक्सिंग फेडरेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के 25 राज्यों के 300 से अधिक मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में भिवानी के बॉक्सरों ने अपनी फिटनेस, फुर्ती और बेहतरीन रणनीति के दम पर शानदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि हरियाणा की धरती आज भी खेल प्रतिभाओं की खान है।
भिवानी के सचिन का गोल्डन पंच
सचिन ने 67 किलोग्राम भारवर्ग में मुकाबला किया और अपने पहले ही राउंड में विपक्षी खिलाड़ी को तकनीकी नॉकआउट (TKO) से मात दी। सेमीफाइनल में उन्होंने दिल्ली के खिलाड़ी को 4-1 के अंतर से हराया। फाइनल मुकाबले में सचिन का सामना महाराष्ट्र के मुक्केबाज से हुआ, जहां उन्होंने बेहतरीन पंचिंग और डिफेंस दिखाते हुए सर्वसम्मति से जीत (5-0) दर्ज की। इस प्रदर्शन के बाद सचिन को ‘बेस्ट फाइटर ऑफ द टूर्नामेंट’ का भी पुरस्कार मिला।
ज्योति का जज्बा और कांस्य तक का सफर
महिला वर्ग में भिवानी की ज्योति ने 54 किलोग्राम कैटेगरी में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मणिपुर की खिलाड़ी को हराया, लेकिन सेमीफाइनल में असम की अनुभवी खिलाड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद ज्योति ने कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी फिटनेस और निरंतर पंचिंग ने दर्शकों और कोचों का दिल जीत लिया।
कोचों और परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं
भिवानी के कोच राजवीर सिंह ने कहा कि “सचिन और ज्योति दोनों बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी हैं। इनकी सफलता हरियाणा की नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।” वहीं, खिलाड़ियों के परिवारों ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए गर्व का क्षण है और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना इनका अगला लक्ष्य रहेगा।
भिवानी फिर बना बॉक्सिंग की राजधानी
यह जीत सिर्फ दो खिलाड़ियों की नहीं बल्कि पूरे भिवानी की जीत है। भिवानी पहले भी विजेंदर सिंह, आकाशदीप सिंह, कविता चहल जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर पैदा कर चुका है। सचिन और ज्योति की यह सफलता उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रतीक है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और खेल विभाग खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण अवसर प्रदान करे, तो भिवानी के खिलाड़ी आने वाले वर्षों में ओलंपिक में भी देश को गौरवान्वित कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
चेन्नई में आयोजित सीनियर फेडरेशन कप 2025 ने एक बार फिर साबित किया कि भिवानी बॉक्सिंग का गढ़ है। सचिन का स्वर्ण और ज्योति का कांस्य न केवल हरियाणा बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। इनकी सफलता युवा पीढ़ी को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।



