गणेश चतुर्थी 2026: 2 घंटे 15 मिनट शुभ मुहूर्त, ऐसे करें स्थापना

गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन श्रद्धालु घरों और पूजा पंडालों में गणपति की प्रतिमा स्थापित करते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
दून में गणपति स्थापना के लिए इस बार 2 घंटे 15 मिनट का शुभ मुहूर्त बताया गया है। श्रद्धालु इसी अवधि में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा शुरू कर सकते हैं। शुभ मुहूर्त में पूजा करने को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है।
गणपति स्थापना से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करनी चाहिए। इसके बाद चौकी पर स्वच्छ वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लिया जाता है।
पूजा के दौरान भगवान गणेश को दूर्वा, फूल, रोली, अक्षत, मोदक या लड्डू और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है। इसके बाद गणेश जी की आरती और मंत्र जाप किया जाता है।
गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव के साथ बप्पा की आराधना करते हैं। घर में गणपति स्थापना के साथ ही कई स्थानों पर सार्वजनिक पंडाल भी सजाए जाते हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
गणेश चतुर्थी का पर्व धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव का भी रूप ले चुका है। देशभर में गणपति बप्पा के जयकारों के साथ यह पर्व उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाता है।



