हल्द्वानी रामलीला में 30 साल से मुस्लिम कलाकारों की भागीदारी

काठगोदाम नगर निगम इंटर कॉलेज में आयोजित रामलीला में विभिन्न समुदायों के कलाकार मिलकर रामकथा का मंचन कर रहे हैं। कतील अख्तर परिवहन निगम से सेवानिवृत्त हैं और किशोरावस्था से ही रामलीला से जुड़े हुए हैं। अपने लंबे अभिनय सफर में वह बाणासुर और शबरी समेत कई किरदार निभा चुके हैं। इस वर्ष उन्हें मंथरा की भूमिका मिली है।
अधिवक्ता बंटू रहमान भी अभिनय के प्रति अपने लगाव के चलते रामलीला में हिस्सा ले रहे हैं। वह इस वर्ष खरदूषण का किरदार निभाएंगे। कलाकारों की भागीदारी यह दर्शाती है कि सांस्कृतिक आयोजनों में अलग-अलग समुदायों के लोग साथ आकर अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
काठगोदाम की रामलीला की शुरुआत वर्ष 1950 में हुई थी। रामलीला समिति के अध्यक्ष संदीप राणा के अनुसार, इस बार महिला पात्रों की भूमिकाओं में भी महिलाओं की भागीदारी देखने को मिल रही है। 12 वर्षीय लक्षिता रेखाड़ी सीता की भूमिका निभा रही हैं। कैकेयी और सुमित्रा समेत कुछ अन्य महिला पात्रों का अभिनय भी महिलाएं कर रही हैं।
इस वर्ष रामलीला में एक और बदलाव देखने को मिला है। समिति के 76 वर्षों के इतिहास में पहली बार राणा परिवार का कोई सदस्य राम कुल का पात्र निभा रहा है। 11 वर्षीय मानस राणा शत्रुघ्न की भूमिका में नजर आएंगे। इस तरह काठगोदाम की रामलीला परंपरा के साथ नए प्रयोगों और सामूहिक भागीदारी का उदाहरण भी पेश कर रही है।



