जमीन अधिग्रहण अनियमितता में आया मुख्य सचिव के बेटे का नाम

द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित 19 एकड़ भूमि के मुआवजे में हुए अचानक वृद्धि में अब दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार के बेटे का नाम सामने आया है। इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक शिकायत मिली। इस शिकायत पर संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने जांच के लिए मामला सतर्कता मंत्री को भेजा। जिसके बाद इस मामले में सतर्कता मंत्री आतिशी ने जांच शुरू की है। आतिशी ने निदेशक सतर्कता और मंडलायुक्त को पत्र लिखा है।

द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए बामनोली गांव में भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी फाइलें आज शाम सात बजे तक सतर्कता मंत्री को सौंपी जाएंगी। सतर्कता मंत्री ने दोनों विभागों को निर्देश दिया कि कथित भ्रष्टाचार के इस मुद्दे से संबंधित कोई भी फाइल मुख्य सचिव के माध्यम से न पारित की जाए क्योंकि वह जांच का विषय है। ऐसे आरोप लग रहे हैं कि मुख्य सचिव ने अपने बेटे की कंपनी को 315 करोड़ का फायदा पहुंचाने का प्रयास किया। इस मामले की विस्तृत जांच के लिए शिकायत सतर्कता मंत्री को भेजी गई।

मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2019 में दो भूमि मालिकों को शुरुआत में 41.52 करोड़ रुपये दिए गए, जो मई 2023 में बढ़कर 353.7 करोड़ रुपये हो गए। इस मामले में दक्षिण पश्चिम जिले के पूर्व डीएम हेमंत कुमार पर भी जांच चल रही है। बता दें कि दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच लंबा संघर्ष चल रहा है। इसी बीच मुख्य सचिव के बेटे का नाम सामने आने के बाद सरकार हमलावर हो गई है।

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