
हालिया शोधों में सामने आया है कि Nanoplastics अब हमारे शरीर में प्रवेश कर खून के जरिए दिमाग तक पहुंच सकते हैं, जो एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय बनता जा रहा है। ये बेहद सूक्ष्म प्लास्टिक कण हवा, पानी और भोजन के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये कण शरीर के विभिन्न अंगों में जमा होकर सूजन, कोशिकाओं को नुकसान और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, नैनो प्लास्टिक का लंबे समय तक संपर्क दिमाग के कार्यों को प्रभावित कर सकता है और इससे स्मृति, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। हालांकि इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। प्लास्टिक के उपयोग को कम करना, फिल्टर्ड पानी पीना और ताजा व प्राकृतिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना इसके जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।



