उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 2024 बैच के IAS अफसरों को किया संबोधित

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 2024 बैच के प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम उनके फेज-II प्रशिक्षण के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस बैच में कुल 187 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल रहे।
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने युवा अधिकारियों से ‘सेवा भाव और कर्तव्य बोध’ को अपना मार्गदर्शक मंत्र बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिविल सेवक नीति निर्माण और उसके जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी बड़ी जिम्मेदारी है।
सीपी राधाकृष्णन ने अधिकारियों को व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय टीम उत्कृष्टता पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रभावी नेतृत्व केवल पद या अधिकार से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी नैतिक और ईमानदार तरीके से काम करने की क्षमता से पहचाना जाता है।
उन्होंने प्रशासन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से AI, मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों को अपनाकर प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने 2024 बैच में करीब 41 प्रतिशत महिला अधिकारियों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए इसे नारी शक्ति की प्रगति का उदाहरण बताया। उन्होंने अधिकारियों से निरंतर सीखने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और देश के दूरदराज क्षेत्रों में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
मुख्य बातें:
- 2024 बैच के 187 प्रशिक्षु IAS अधिकारियों को संबोधित किया।
- कार्यक्रम LBSNAA, मसूरी में आयोजित हुआ।
- सेवा भाव, कर्तव्य और सत्यनिष्ठा पर जोर।
- टीमवर्क और नागरिक-केंद्रित शासन की अपील।
- AI और नई तकनीकों को प्रशासन में अपनाने की सलाह।
- 2024 बैच में करीब 41% महिला अधिकारी हैं।



