उत्तराखंड में बाघ संरक्षण के लिए ₹8.70 करोड़ का बजट जारी

उत्तराखंड में बाघ संरक्षण को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा और संरक्षण व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल ₹8.70 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण के साथ रिजर्व में निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
बाघ संरक्षण के लिए मिलने वाली इस राशि से रिजर्व क्षेत्रों में गश्त, निगरानी, सुरक्षा संसाधनों और बाघों के प्राकृतिक आवास को बेहतर बनाने जैसे कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने और वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी।
उत्तराखंड में बाघ संरक्षण को लेकर पहले से ही कई योजनाओं पर काम चल रहा है। राज्य सरकार ने कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, कैमरा ट्रैप और AI आधारित निगरानी को मजबूत करने पर भी जोर दिया है।
राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT), ड्रोन, कैमरा ट्रैप और अन्य तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही वन्यजीव कॉरिडोर और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्य बातें:
- बाघ संरक्षण के लिए ₹8.70 करोड़ जारी।
- कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व को मिलेगा लाभ।
- बाघों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी।
- कैमरा ट्रैप और AI आधारित निगरानी को बढ़ावा।
- टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन पर भी जोर।
- मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की दिशा में काम जारी।



