बाजार की गिरावट में भी चमके ये 5 शेयर, 62% तक का रिटर्न; जानें कौन-कौन रहे आगे

शेयर बाजार में जब प्रमुख इंडेक्स गिरावट में हों, तब भी सभी शेयर एक जैसा प्रदर्शन नहीं करते। पिछले सप्ताह ऐसी ही तस्वीर देखने को मिली। व्यापक बाजार पर दबाव के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी हुई और निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला। Jagran की रिपोर्ट इसी दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले पांच शेयरों पर केंद्रित है।
बाजार क्यों गिरा?
पिछले सप्ताह भारतीय बाजार पर कई वैश्विक संकेतों का दबाव रहा। महंगा कच्चा तेल, पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की धारणा कमजोर की। 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में Nifty 50 0.5% और Sensex 0.6% नीचे रहे।
हालांकि, Smallcap शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और सप्ताह में करीब 1.2% की बढ़त दर्ज की। इससे पता चलता है कि बाजार में गिरावट के बावजूद चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बनी रही।
गिरावट के बीच शेयरों का प्रदर्शन क्यों अलग रहा?
किसी एक शेयर की चाल केवल Sensex या Nifty की दिशा से तय नहीं होती। कंपनी के ऑर्डर, तिमाही नतीजे, सेक्टर से जुड़ी खबर, नए कारोबारी अवसर या किसी बड़े कॉरपोरेट ऐलान के कारण उसमें बाजार से अलग तेजी आ सकती है।
उदाहरण के लिए, पिछले सप्ताह Welspun Corp में करीब 15.3% की तेजी आई। कंपनी को रिकॉर्ड 1.8 अरब डॉलर का ऑर्डर मिलने की खबर ने शेयर को बाजार की सामान्य कमजोरी से अलग प्रदर्शन करने में मदद की।
62% रिटर्न का मतलब क्या है?
रिपोर्ट में बताए गए 62% तक के रिटर्न को उस संबंधित अवधि का पिछला प्रदर्शन समझना चाहिए। इसका यह अर्थ नहीं है कि निवेशक अब उस शेयर को खरीदकर भी 62% रिटर्न हासिल कर लेगा।
शेयर बाजार में पिछला रिटर्न भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता। खासकर तेज उछाल वाले शेयरों में valuation और volatility दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है।
क्या गिरते बाजार में ऐसे शेयर खरीदने चाहिए?
सिर्फ इसलिए नहीं कि किसी शेयर ने बाजार की गिरावट के दौरान शानदार रिटर्न दिया है। निवेश से पहले कंपनी की:
- वित्तीय स्थिति और मुनाफा
- कर्ज और cash flow
- valuation
- भविष्य की growth prospects
- promoter holding
- सेक्टर की स्थिति
- हालिया तेजी के वास्तविक कारण
की जांच करनी चाहिए।
निष्कर्ष: बाजार की गिरावट में भी कुछ शेयरों का चमकना इस बात का संकेत है कि कमजोर बाजार में भी stock-specific opportunities मौजूद रहती हैं। लेकिन 62% तक का पिछला रिटर्न देखकर तुरंत निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। हालिया बाजार में crude oil और geopolitical tensions जैसे जोखिम अभी भी बने हुए हैं, इसलिए निवेश का फैसला कंपनी के fundamentals और अपनी risk क्षमता के आधार पर करना बेहतर है।



