उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान PM मोदी को, यूरेनियम सप्लाई पर बड़ा समझौता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा भारत-मध्य एशिया संबंधों के लिहाज से बेहद अहम रही। ताशकंद में पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा हुई।
यात्रा के दौरान उज्बेकिस्तान ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान Order of Oliy Darajali Dustlik से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में मोदी के योगदान के लिए दिया गया।
वार्ता का सबसे अहम परिणाम भारत और उज्बेकिस्तान के बीच यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति को लेकर सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश भारत को लंबे समय तक यूरेनियम उपलब्ध कराने के लिए एक व्यवस्था स्थापित करेंगे। इससे भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
दोनों नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। इसके तहत रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और खनन क्षेत्र में सहयोग भी काफी अहम है। आधुनिक उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित आपूर्ति भारत की रणनीतिक प्राथमिकता बन चुकी है। उज्बेकिस्तान के साथ सहयोग से भारत को इस क्षेत्र में अपने स्रोतों को विविध बनाने में मदद मिल सकती है।
व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निवेश, कनेक्टिविटी और कारोबारी संपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इससे मध्य एशिया में भारत की आर्थिक मौजूदगी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
डिजिटल क्षेत्र में भी भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग बढ़ रहा है। भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और भुगतान व्यवस्था को लेकर दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं बनी हैं। इससे लोगों के बीच संपर्क और कारोबारी गतिविधियों को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
पीएम मोदी की यात्रा के दौरान हुए फैसले भारत की ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। यूरेनियम, क्रिटिकल मिनरल्स, व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर बढ़ती साझेदारी से भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्ते आने वाले वर्षों में और मजबूत होने की उम्मीद है।



