Gold Price Target 2025: साल के अंत तक कितना बढ़ेगा सोने का भाव? जानें एक्सपर्ट की राय

भारत में सोना न केवल आभूषणों और परंपराओं से जुड़ा धातु है, बल्कि यह निवेश का भी सबसे भरोसेमंद साधन माना जाता है। आर्थिक अस्थिरता, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ऐसे में 2025 के अंत तक सोने का भाव कितना हो सकता है, इसे लेकर निवेशकों और आम लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस साल के अंत तक सोने की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।
सोने की कीमतों में उछाल का सबसे बड़ा कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति मानी जा रही है। अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े देशों में मंदी की आशंका, महंगाई का दबाव और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर सोने पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल के दाम भी गोल्ड प्राइस को प्रभावित करते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2025 के आखिर तक सोने का भाव 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। कुछ विश्लेषकों ने तो इसे 72,000 रुपये तक जाने की संभावना भी जताई है।
भारत जैसे देश में सोने की मांग हमेशा से अधिक रही है। शादी-ब्याह का सीजन, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में सोना खरीदने की परंपरा के चलते इसकी खपत लगातार बनी रहती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चाहे जैसी स्थिति हो, घरेलू बाजार में सोने की डिमांड कीमतों को ऊंचा बनाए रखती है।
निवेश के लिहाज से देखा जाए तो 2025 सोने के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है। इक्विटी और क्रिप्टो जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों की तुलना में सोना निवेशकों को सुरक्षा और स्थिर रिटर्न प्रदान करता है। यही वजह है कि आर्थिक अस्थिरता के समय लोग गोल्ड की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
एक्सपर्ट्स की राय है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ता है या महंगाई का दबाव बना रहता है तो सोने की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। वहीं, अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है, तो भी सोने के दाम तेजी से बढ़ेंगे।
कुल मिलाकर, 2025 के अंत तक गोल्ड प्राइस में मजबूती बनी रहने की पूरी संभावना है। निवेशक अगर लंबी अवधि के नजरिए से सोने में निवेश करते हैं, तो उन्हें अच्छा लाभ मिल सकता है। हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने की बजाय एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि निवेशक संतुलित पोर्टफोलियो बनाएं और गोल्ड को उसमें शामिल करें।



