LG IPO नहीं तोड़ पाया RPower का रिकॉर्ड, अनिल अंबानी की कंपनी 17 साल से नंबर-1

भारतीय शेयर बाजार में अक्सर IPO (Initial Public Offering) को लेकर निवेशकों की बड़ी उत्सुकता रहती है। हाल ही में LG का IPO भी चर्चा में रहा, लेकिन यह Reliance Power (RPower) के पुराने रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया। RPower ने साल 2008 में अपने IPO के समय जिस प्रकार निवेशकों को आकर्षित किया था, वह आज भी भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक मिसाल माना जाता है। उस समय RPower का IPO इतना बड़ा और आकर्षक था कि यह भारतीय शेयर बाजार में सबसे ज्यादा सब्सक्राइब किए गए IPO में शामिल हो गया।
RPower के IPO की खासियत यह थी कि इसे केवल बड़े निवेशकों और संस्थागत निवेशकों तक ही सीमित नहीं रखा गया था, बल्कि आम जनता के लिए भी इसमें निवेश का अवसर उपलब्ध कराया गया। इसके परिणामस्वरूप, IPO के दौरान करोड़ों निवेशकों ने इसमें भाग लिया और यह 17 साल बाद भी किसी कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण रिकॉर्ड बना हुआ है। कई निवेशक और बाजार विशेषज्ञ आज भी इसे भारतीय शेयर बाजार के सबसे सफल IPO में से एक मानते हैं।
LG का हालिया IPO इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिहाज से चर्चा में आया, लेकिन निवेशकों की प्रतिक्रिया और सब्सक्रिप्शन की रफ्तार RPower के स्तर तक नहीं पहुंच सकी। इसके पीछे कई कारण माने जा सकते हैं, जैसे कि बाजार की मौजूदा स्थिति, निवेशकों की रुचि और IPO की कीमत नीति। वहीं, RPower की सफलता में उस समय की आर्थिक परिस्थितियों और ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों की मजबूत उम्मीदों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि RPower का रिकॉर्ड टूटना आसान नहीं है। भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की मानसिकता और IPO के प्रति उत्सुकता बदलती रहती है, लेकिन पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए केवल बड़े ब्रांड नाम या कंपनी की लोकप्रियता ही पर्याप्त नहीं होती। इसके लिए निवेशकों के विश्वास, बाजार की स्थिति और आकर्षक मूल्य निर्धारण जैसी कई कारक महत्वपूर्ण होते हैं।
अंततः, RPower का यह 17 साल पुराना रिकॉर्ड यह साबित करता है कि भारतीय निवेशक कभी-कभी परंपरागत रिकॉर्डों और सफल IPO की मिसालों को लंबे समय तक याद रखते हैं। LG का IPO चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, इस रिकॉर्ड को तोड़ना आसान नहीं होगा। यह भारतीय शेयर बाजार में IPO की सफलता और निवेशकों के विश्वास की एक मजबूत गवाही है।



