पुराना सोना बना लोगों की पहली पसंद: जानिए क्यों ‘Old is Gold’ की कहावत आज फिर हो रही है सच

इन दिनों बाजार में “Old is Gold” वाली कहावत एक बार फिर सच साबित हो रही है। सोने की बढ़ती कीमतों के बीच अब लोग नया सोना खरीदने के बजाय अपने पुराने गहनों को बदलकर नए डिज़ाइन बनवाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वजह है — लगातार बढ़ते गोल्ड रेट और मेकिंग चार्जेज का बोझ। जहां नया सोना खरीदने पर 3% से 5% तक जीएसटी और अलग से मेकिंग चार्ज देना पड़ता है, वहीं पुराने सोने को एक्सचेंज करने पर इन खर्चों से काफी राहत मिलती है।
2025 में सोने के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। प्रति 10 ग्राम गोल्ड की कीमत 70,000 रुपये के आसपास चल रही है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए नए गहने खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में पुराना सोना न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो रहा है, बल्कि यह एक समझदार निवेश निर्णय भी बन गया है। ज्वेलर्स भी इस ट्रेंड को देखते हुए “गोल्ड एक्सचेंज ऑफर” या “ओल्ड टू न्यू स्कीम” जैसी योजनाएं चला रहे हैं, जिसमें ग्राहक अपने पुराने गहनों को नए डिज़ाइन में बिना ज्यादा अतिरिक्त खर्च के बदल सकते हैं।
इसके अलावा, पुराने गहनों को रिफाइन करके नए मॉडर्न डिज़ाइन में ढालने का चलन भी काफी बढ़ गया है। महिलाएं अब ट्रेंडी और हल्के वजन के गहने पसंद कर रही हैं, जो पुराने भारी आभूषणों से कहीं अधिक प्रैक्टिकल और स्टाइलिश हैं। इस ट्रेंड से ज्वेलरी मार्केट में नई जान आई है, क्योंकि ग्राहक अपने पुराने सोने को बेकार समझने की बजाय एक नए रूप में वापस इस्तेमाल कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में और इजाफा संभव है। ऐसे में पुराना सोना बदलकर नया बनवाना न सिर्फ जेब पर हल्का पड़ेगा, बल्कि यह निवेश के लिहाज से भी सुरक्षित रहेगा। कुल मिलाकर, ‘पुराना सोना’ आज भी ‘गोल्ड’ है—बस उसकी चमक को नया रूप देने की जरूरत है।



