
भारतीय रुपये की अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हालिया गिरावट के बीच मुद्रा बाजार में दबाव बढ़ गया है, और रुपया 95 के पार एक रिकॉर्ड‑स्तर तक पहुंचा है। इसी को ध्यान में रखते हुए State Bank of India की रिसर्च रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि Reserve Bank of India को अपने $700 बलियन से अधिक विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करने पर विचार करना चाहिए ताकि रुपये को सहारा मिले और बाजार में अनावश्यक अटकलें (speculation) रोकी जा सकें।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक भू‑राजनीतिक तनाव, खासकर मध्य पूर्व में चल रहे संकट और ऊँची तेल की कीमतों के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर गए हैं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और रुपये पर दबाव पड़ा है। ऐसे में फॉरेक्स रिज़र्व का इस्तेमाल बाजार में तरलता और भरोसा बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि एक विशेष विंडो बनाकर तेल मार्केटिंग कंपनियों की विदेशी मुद्रा की मांग को अलग रखा जाना चाहिए, जिससे रिज़र्व और अधिक प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जा सके।



