भारत का पहला शॉपिंग मॉल कौन सा था? 163 साल पुराने बाजार की कहानी

भारत में आज बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल आम हो चुके हैं, लेकिन देश में संगठित खरीदारी की परंपरा काफी पुरानी है। मुंबई का महात्मा ज्योतिबा फुले मंडई (क्रॉफर्ड मार्केट) भारत के सबसे पुराने और प्रसिद्ध बाजारों में शामिल है। इसकी शुरुआत वर्ष 1869 में हुई थी और यह मुंबई की ऐतिहासिक व्यापारिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है।
यह बाजार ब्रिटिश काल में बनाया गया था और यहां लंबे समय से अलग-अलग तरह के सामानों की खरीद-बिक्री होती रही है। इसकी वास्तुकला, विशाल परिसर और व्यापारिक महत्व इसे मुंबई की प्रमुख विरासत इमारतों में शामिल करते हैं। हालांकि इसे आधुनिक अर्थों में शॉपिंग मॉल कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, लेकिन यह भारत के शुरुआती बड़े संगठित खरीदारी केंद्रों में से एक माना जाता है।
वहीं, भारत के आधुनिक मॉल कल्चर की शुरुआत 1990 के दशक के बाद तेजी से हुई, जब देश में बड़े रिटेल कॉम्प्लेक्स और ब्रांडेड स्टोर्स का विस्तार शुरू हुआ। आज के मॉल में मनोरंजन, फूड कोर्ट, मल्टीप्लेक्स और लग्जरी ब्रांड्स जैसी सुविधाएं होती हैं, जबकि पुराने बाजार मुख्य रूप से व्यापार और खरीदारी के केंद्र रहे हैं।
163 साल से ज्यादा पुरानी यह विरासत भारत के बदलते व्यापारिक इतिहास को दर्शाती है। पुराने बाजारों से लेकर आधुनिक शॉपिंग मॉल तक का सफर देश की अर्थव्यवस्था, उपभोक्ता संस्कृति और शहरों के विकास की कहानी भी बताता है।



