जापान दौरे पर CM योगी का बड़ा संदेश: ‘उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को आदित्य का नमस्कार’, निवेशकों से की अहम मुलाकात

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने जापान दौरे की शुरुआत एक विशेष संदेश के साथ की—“उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को ‘आदित्य’ का नमस्कार।” यह संदेश केवल औपचारिक अभिवादन नहीं, बल्कि भारत और जापान के बीच गहरे होते आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक भी था। ‘उगते सूरज’ के नाम से प्रसिद्ध जापान को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य बताया। उन्होंने जापानी उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कानून-व्यवस्था, स्किल्ड मैनपावर और बेहतर कनेक्टिविटी की जानकारी दी।
इस दौरान सीएम योगी ने विशेष रूप से डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के साथ-साथ तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था भी है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और आधुनिक एयरपोर्ट्स की श्रृंखला निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। जापानी कंपनियों ने भी उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता और पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव भी गहरा है। बौद्ध परंपरा से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने साझा मूल्यों को भविष्य की साझेदारी का आधार बताया। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार हर स्तर पर सहयोग और सुविधा प्रदान करेगी।
जापान दौरे को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश में रोजगार सृजन और तकनीकी विकास को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी का यह दौरा वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश की मजबूत उपस्थिति और निवेश-अनुकूल छवि को और सशक्त करता है।



