मुंह में बार-बार सूखापन? जानें थायरॉइड से क्या है कनेक्शन

मुंह का सूखना एक आम समस्या लग सकती है, लेकिन अगर यह लगातार बनी रहे और लार का उत्पादन भी कम महसूस हो, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या की भूमिका हो सकती है। मेडिकल भाषा में इसे जेरोस्टोमिया (Xerostomia) कहा जाता है। लंबे समय तक मुंह सूखा रहने से बोलने या निगलने में परेशानी के साथ दांतों में कैविटी, मसूड़ों की बीमारी और मुंह में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
थायरॉइड शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाता है। हाइपोथायरॉइडिज्म में थायरॉइड हार्मोन कम बनते हैं और थकान, वजन बढ़ना, ठंड अधिक लगना, रूखी त्वचा और बालों में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में थायरॉइड से जुड़ी स्थितियां मुंह के सूखेपन के साथ भी देखी जा सकती हैं।
हालांकि, हर बार मुंह सूखने का कारण थायरॉइड ही हो, यह जरूरी नहीं है। पानी की कमी, मुंह से सांस लेना और कई तरह की दवाएं भी लार कम कर सकती हैं। एंटीहिस्टामिन, कुछ एंटीडिप्रेसेंट, डीकंजेस्टेंट और अन्य दवाओं के कारण भी ड्राई माउथ हो सकता है।
अगर मुंह का सूखापन लंबे समय से है, तो केवल पानी पीकर इसे नजरअंदाज करने के बजाय कारण पता करना जरूरी है। डॉक्टर आपकी दवाओं और अन्य लक्षणों की समीक्षा करके जरूरत पड़ने पर जांच की सलाह दे सकते हैं। थायरॉइड की आशंका होने पर ब्लड टेस्ट से इसकी स्थिति की जांच की जा सकती है।
इस दौरान पर्याप्त पानी पीना, शुगर-फ्री च्युइंग गम से लार बनने को बढ़ावा देना और ओरल हाइजीन का ध्यान रखना मददगार हो सकता है। लेकिन अगर ड्राई माउथ लगातार बना हुआ है, तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।



