परिवार में हार्ट बीमारी है तो कितना बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा?

अगर आपके परिवार में किसी करीबी सदस्य को हार्ट की बीमारी या हार्ट अटैक हो चुका है, तो इसे अपनी सेहत के लिए एक जरूरी चेतावनी की तरह लेना चाहिए। परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने से आगे चलकर खुद हृदय रोग विकसित होने की संभावना बढ़ सकती है। इसमें जेनेटिक कारणों के साथ परिवार में साझा खान-पान, जीवनशैली और अन्य पर्यावरणीय कारक भी भूमिका निभा सकते हैं।
सबसे ज्यादा ध्यान उस स्थिति में देने की जरूरत होती है, जब माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार को कम उम्र में हार्ट डिजीज या हार्ट अटैक हुआ हो। CDC के अनुसार 50 वर्ष या उससे कम उम्र में परिवार के सदस्य को हृदय रोग होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में यह फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया जैसी आनुवंशिक समस्या की ओर भी इशारा कर सकता है।
फैमिली हिस्ट्री का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में हार्ट अटैक होना तय है। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, धूम्रपान, मोटापा, खराब खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता जैसे जोखिमों को नियंत्रित करके हृदय रोग की संभावना को कम किया जा सकता है।
अगर परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक आया है, तो अपनी फैमिली हेल्थ हिस्ट्री जरूर नोट करें—किस रिश्तेदार को बीमारी हुई, किस उम्र में हुई और क्या उन्हें हाई कोलेस्ट्रॉल या हाई ब्लड प्रेशर भी था। यह जानकारी डॉक्टर को आपकी व्यक्तिगत हृदय संबंधी जोखिम का बेहतर आकलन करने में मदद कर सकती है।
इसके अलावा नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना उपयोगी है। डॉक्टर आपकी उम्र, परिवार के इतिहास और अन्य जोखिम कारकों के आधार पर आगे की जांच या उपचार की सलाह दे सकते हैं।
खास बात यह है कि जेनेटिक जोखिम को बदला नहीं जा सकता, लेकिन उससे जुड़े कई दूसरे जोखिमों को नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित खान-पान, नियमित शारीरिक गतिविधि, धूम्रपान से दूरी और स्वस्थ वजन बनाए रखना हृदय की सुरक्षा में मदद कर सकता है।
अगर सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, अचानक कमजोरी, ठंडा पसीना या हाथ/कंधे में दर्द जैसे संभावित हार्ट अटैक के लक्षण हों, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।



