2050 तक 180 करोड़ लोगों को हो सकती है MASLD, लैंसेट स्टडी में खुलासा

The Lancet में प्रकाशित एक नई स्टडी के अनुसार MASLD (मेटाबॉलिक डिसफंक्शन से जुड़ी लिवर बीमारी) आने वाले वर्षों में तेजी से फैल सकती है। अनुमान है कि 2050 तक दुनिया भर में करीब 180 करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
MASLD पहले फैटी लिवर के नाम से जाना जाता था और यह मुख्य रूप से खराब खानपान, मोटापा, डायबिटीज और शारीरिक गतिविधि की कमी से जुड़ा होता है। यह बीमारी धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाती है और समय पर ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों का वजन अधिक है, जिन्हें Type 2 Diabetes है या जो अनियमित जीवनशैली अपनाते हैं, उनमें MASLD का खतरा ज्यादा होता है। इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते, जिससे यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और कई बार देर से पता चलती है।
बचाव के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। साथ ही समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना भी महत्वपूर्ण है, ताकि लिवर से जुड़ी किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
यह स्टडी इस बात की चेतावनी देती है कि अगर जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में लिवर से जुड़ी बीमारियां एक बड़ी वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन सकती हैं।



