दूसरों की जम्हाई देखकर खुद भी आती है उबासी? जानिए विज्ञान

क्या आपने कभी देखा है कि कोई जम्हाई लेता है और आप भी बिना थकान के उबासी लेने लगते हैं? इसे वैज्ञानिक भाषा में ‘Contagious Yawning’ कहा जाता है। यह केवल इंसानों में ही नहीं, बल्कि कुछ जानवरों जैसे कुत्ते और बंदरों में भी देखा गया है।
विज्ञान के अनुसार, यह phenomenon हमारे मिरर न्यूरॉन्स (Mirror Neurons) से जुड़ा है। मिरर न्यूरॉन्स हमारी मस्तिष्क में स्थित ऐसे न्यूरॉन्स होते हैं, जो दूसरों की हरकतों और भावनाओं को खुद महसूस करने में मदद करते हैं।
जम्हाई लेने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन की मात्रा संतुलित होती है और शरीर को अलर्ट रखने में मदद मिलती है। जब कोई सामने वाला जम्हाई लेता है, तो हमारे मस्तिष्क को संकेत मिलता है कि हमें भी सक्रिय रहना चाहिए। यही वजह है कि उबासी “संक्रामक” होती है।
साइकोलॉजिस्ट्स का मानना है कि यह सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव का संकेत भी है। एक-दूसरे के साथ संबंध मजबूत रखने और समूह में अलर्ट रहने के लिए हमारे दिमाग ने इसे विकसित किया है।



