Heat Stroke vs Normal Fever: डॉक्टर ने बताया असली फर्क और पहचान

गर्मियों के मौसम में अक्सर लोग शरीर के तापमान बढ़ने, कमजोरी या सिर दर्द को सामान्य बुखार समझ लेते हैं, जबकि यह कई बार हीट स्ट्रोक का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों स्थितियों में मूल अंतर यह है कि बुखार आमतौर पर संक्रमण के कारण होता है, जबकि हीट स्ट्रोक अत्यधिक गर्मी और शरीर के तापमान नियंत्रण प्रणाली के फेल होने से होता है।
हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान अचानक बहुत अधिक बढ़ सकता है, त्वचा गर्म और सूखी हो जाती है, और व्यक्ति को चक्कर, उलझन या बेहोशी जैसी स्थिति भी हो सकती है। वहीं सामान्य बुखार में शरीर धीरे-धीरे गर्म होता है और अक्सर पसीना आता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है और इसमें तुरंत ठंडी जगह पर ले जाना, शरीर को ठंडा करना और डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है। इसे नजरअंदाज करना जानलेवा भी साबित हो सकता है।
इसलिए गर्मियों में किसी भी तरह के लक्षण को हल्के में न लें और सही पहचान करके समय पर उचित कदम उठाना बेहद जरूरी है।



