
वरुण धवन की डेढ़ साल की बेटी हाल ही में हिप डिस्प्लासिया के कारण ऑपरेशन से गुज़री। हिप डिस्प्लासिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें जन्म के समय या बचपन में हिप जॉइंट सही तरह से विकसित नहीं होता। इस स्थिति में कूल्हे की हड्डी और जॉइंट एक-दूसरे के सही स्थान पर नहीं रहते, जिससे चलने में समस्या और दर्द हो सकता है।
हिप डिस्प्लासिया के लक्षण आम तौर पर जन्म के समय या बच्चे के बढ़ने के दौरान दिखाई देते हैं। इनमें शामिल हैं:
-
एक पैर का दूसरा पैर से छोटा दिखना
-
चलने या खड़े होने में असमानता
-
जॉइंट में क्लिक या खड़खड़ की आवाज
-
देर से चलना या चलने में असुविधा
बचपन में समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या आगे चलकर चलने-फिरने की क्षमता और हिप जॉइंट की स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। इसलिए विशेषज्ञ बच्चे के जन्म के बाद ही हिप जॉइंट की जांच करने की सलाह देते हैं।
इलाज में सामान्यत: शुरुआती स्टेज में स्पेशल हिप ब्रेसेस या प्लास्टिक स्प्लिंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। गंभीर मामलों में ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है, जैसे वरुण धवन की बेटी के केस में हुआ। ऑपरेशन के बाद फिजियोथेरेपी और नियमित चेकअप से बच्चे की हिप जॉइंट की पूरी रिकवरी सुनिश्चित की जाती है।
हिप डिस्प्लासिया गंभीर लेकिन इलाज योग्य स्थिति है। समय पर पहचान और सही उपचार से बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं। माता-पिता के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चे की हिप जॉइंट की जांच और देखभाल पर विशेष ध्यान दें।



