
एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने हाल ही में अपना इस्तीफा दिया है, लेकिन वह फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे। कंपनी और बोर्ड ने कहा है कि विल्सन इस्तीफा व्यक्तिगत कारणों से दे रहे हैं, लेकिन एअर इंडिया की संचालन प्रक्रिया और परियोजनाओं में continuity बनाए रखने के लिए उन्हें अस्थायी रूप से पद पर रखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम कंपनी के व्यावसायिक और प्रबंधकीय स्थायित्व के लिए अहम है। एअर इंडिया वर्तमान में निजीकरण और विस्तार परियोजनाओं के बीच है, और CEO के अचानक हटने से संचालन में व्यवधान आ सकता था।
इसके साथ ही, बोर्ड ने बताया कि विल्सन इस्तीफा देने के बाद भी रणनीतिक फैसलों में शामिल रहेंगे और नए CEO के नियुक्ति तक मार्गदर्शन देंगे। इससे एयरलाइन में कर्मचारियों और निवेशकों का भरोसा भी बना रहेगा।
एअर इंडिया ने अपने बयान में यह भी कहा कि कंपनी अब अगले CEO की तलाश में है, और विल्सन के अनुभव का फायदा लेने के लिए उन्हें पद पर बनाए रखा गया है। एयरलाइन उद्योग में यह एक सामान्य प्रथा है कि बड़े परिवर्तनों और प्रोजेक्ट्स के बीच वरिष्ठ अधिकारियों को अस्थायी रूप से बनाए रखा जाता है, ताकि संचालन में कोई रुकावट न आए।



