SC में वक्फ कानून पर सुनवाई, 97 लाख सुझावों का हवाला
वक्फ अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है और मामला अब संवैधानिक बहस के केंद्र में आ गया है। याचिकाकर्ताओं ने कानून की वैधता और इससे जुड़ी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं, वहीं केंद्र सरकार ने इसे जनता की इच्छाओं के अनुरूप बताया है।
सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि वक्फ कानून पर अमल से पहले देशभर के 97 लाख लोगों से सुझाव लिए गए थे। यह प्रक्रिया पारदर्शी और लोकतांत्रिक थी, जिसे गंभीरता से अंजाम दिया गया।
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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वक्फ बोर्ड को दी गई विशेष शक्तियाँ संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं और यह निजी संपत्ति के अधिकार के विरुद्ध है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि इतने सुझावों के बावजूद क्या वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवाद हल हुए हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि यह सुनवाई संविधान पीठ को सौंपी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई में यह तय हो सकता है कि वक्फ अधिनियम पर व्यापक समीक्षा की जरूरत है या नहीं।
इस कानूनी बहस पर देशभर की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला न सिर्फ अल्पसंख्यक अधिकारों बल्कि निजी संपत्ति और धार्मिक ट्रस्टों की भूमिका को भी गहराई से प्रभावित कर सकता है।



