2026 के खास व्रत-त्योहार: चंद्र ग्रहण, अमावस्या और होली की डेट करें नोट

साल 2026 का यह सप्ताह धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दौरान चंद्र ग्रहण से लेकर होली जैसे बड़े पर्व तक कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत चंद्र ग्रहण से हो सकती है, जिसे हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया जाता है। चंद्र ग्रहण के दिन स्नान, दान और मंत्र जप का विशेष फल बताया गया है। ग्रहण के समय सूतक काल का पालन करने और मंदिरों के कपाट बंद रखने की परंपरा भी कई स्थानों पर निभाई जाती है।
इसी सप्ताह अमावस्या या पूर्णिमा तिथि भी पड़ सकती है, जो पितरों के तर्पण, पूजा और ध्यान के लिए शुभ मानी जाती है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु या शिव की आराधना करते हैं। इसके बाद फाल्गुन मास का सबसे रंगीन और उल्लासपूर्ण पर्व होली आता है। होलिका दहन की तिथि फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि में निर्धारित होती है, जबकि अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। धार्मिक मान्यता है कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
होली से पहले कई लोग फाल्गुन एकादशी या अन्य साप्ताहिक व्रत भी रखते हैं। सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सोमवार का व्रत भगवान शिव को, मंगलवार का व्रत हनुमान जी को और शुक्रवार का व्रत माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। ऐसे में यह पूरा सप्ताह श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का संगम बन जाता है।
धार्मिक विद्वानों की सलाह है कि व्रत-त्योहारों की सही तिथि जानने के लिए स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय कैलेंडर का अवश्य पालन करें, क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों में तिथि के अनुसार एक दिन का अंतर भी हो सकता है। चंद्र ग्रहण से लेकर होली तक यह सप्ताह आध्यात्मिक साधना और पारिवारिक उत्सव दोनों के लिए विशेष महत्व रखता है।



