उत्तराखंड में बढ़ेगा साहित्यिक पर्यटन, CM धामी ने दो साहित्य ग्राम बनाने की घोषणा की

उत्तराखंड में अब साहित्यिक पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में दो साहित्य ग्राम स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और पर्यटन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
साहित्य ग्रामों को ऐसे केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां साहित्यकारों, शोधकर्ताओं, पाठकों और पर्यटकों को उत्तराखंड की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यहां साहित्यिक कार्यक्रम, संवाद, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं।
उत्तराखंड की लोक संस्कृति, भाषा, परंपराओं और साहित्यिक योगदान को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा भी इसकी बड़ी ताकत है। साहित्य ग्राम इसी विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने की दिशा में एक कदम होगा।
सरकार की इस योजना से उत्तराखंड को साहित्य और संस्कृति से जुड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।



