डब्ल्यूएचओ ने गाजा के अस्पताल से 32 मरीजों को निकाला सुरक्षित…

गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर तमाम प्रयासों के बीच इजरायल रफाह को लगातार निशाना बना रहा है। वह जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को कहा कि खान यूनिस के नासिर अस्पताल से 32 गंभीर मरीजों को सुरक्षित निकाला गया है। इस तरह उसका दूसरा निकासी अभियान पूरा हुआ, लेकिन उसे अस्पताल में फंसे करीब 150 मरीजों व स्वास्थ्य कर्मियों को लेकर चिंता बनी हुई है। अस्पताल में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है।

बच्चों के लिए काम करने वाली यूएन एजेंसी यूनिसेफ के नेतत्व में एक अध्ययन में पाया गया है कि उत्तरी गाजा में छह बच्चों में से एक बच्चा कुपोषित है। फलस्तीन की स्वास्थ्य मंत्री माई अल-कैला ने सोमवार को कहा कि नासिर अस्पताल में सुविधाएं नष्ट होने से आठ मरीजों की जान गई है। उन्होंने इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव की अपील की है। फलस्तीनी अधिकारियों ने कहा कि गाजा में अब तक 29,195 लोगों की जान गई है।

इजरायल ने पिछले दिनों हमास आतंकियों और बंधकों की तलाश में नासिर अस्पताल में छापेमारी की थी। इजरायली बल एक हफ्ते से अस्पताल की घेराबंदी किए हुए थे, इससे वहां लोगों को परेशानियां बढ़ गई थीं। उन्हें क्षेत्र छोड़कर दूसरी जगह जाने को मजबूर किया जा रहा था। डब्ल्यूएचओ ने एक्स पर किए पोस्ट में कहा है कि अस्पताल में अब भी 130 मरीज और 15 स्वास्थ्य कर्मी मौजूद हैं।

दूसरी ओर, इजरायल रफाह के साथ आसपास भी अपना अभियान जारी रखे हुए है। इजरायली बलों ने लेबनान के सिडोन में हिजबुल्ला आतंकियों को निशाना बनाते हुए हमले में उनके दो गोदामों को नष्ट कर दिया है।

हेग कोर्ट में दक्षिण अफ्रीका का इजरायल पर रंगभेद का आरोप
फलस्तीन पर इजरायल के 57 वर्ष के कब्जे को लेकर नीदरलैंड के हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में ऐतिहासिक सुनवाई जारी है। मंगलवार को दूसरे दिन की सुनवाई के दौरान दक्षिण अफ्रीका ने दलील दी कि इजरायल अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्र में फलस्तीनियों के साथ रंगभेद कर रहा है। यह उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन है। इजरायल ने इस दावे को खारिज कर दिया।

अंतरराष्ट्रीय जजों के 15 सदस्यीय पैनल के समक्ष नीदरलैंड में दक्षिण अफ्रीकी राजदूत वुसिमुजी मैडोनसेला ने कहा कि फलस्तीनियों के साथ रंगभेद को तत्काल रोका जाना चाहिए। वहीं, इजरायल सुनवाई के दौरान पेश नहीं हो रहा है, उसने पिछले साल ही कोर्ट में संभावित सवालों के जवाब लिखित में जमा कर दिए हैं।

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