फोर्ब्स इंडिया रिच लिस्ट 2025: भारत के 100 अरबपतियों की संपत्ति में 9 लाख करोड़ रुपये की कमी, जानिए कौन रहा सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला

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फोर्ब्स इंडिया ने अपनी रिच लिस्ट 2025 जारी कर दी है, और इस बार के आंकड़े भारतीय उद्योग जगत के लिए कुछ खास उत्साहजनक नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के शीर्ष 100 अरबपतियों की कुल संपत्ति में पिछले एक साल के दौरान करीब 9 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई है। यह गिरावट वैश्विक आर्थिक मंदी, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और कुछ प्रमुख सेक्टरों में धीमी वृद्धि के चलते दर्ज की गई है।
फोर्ब्स की इस ताज़ा रिपोर्ट में भी मुकेश अंबानी देश के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। हालांकि उनकी संपत्ति में भी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है। वहीं गौतम अडानी दूसरे स्थान पर बने हुए हैं, लेकिन अडानी समूह के शेयरों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की सतर्कता के चलते उनकी नेटवर्थ में बड़ी गिरावट देखी गई है।
सूची में तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः शिव नाडर और सावित्री जिंदल का नाम शामिल है। आईटी सेक्टर में धीमी रिकवरी और मैन्युफैक्चरिंग लागत बढ़ने के कारण कई दिग्गज उद्योगपतियों को नुकसान झेलना पड़ा है।
फोर्ब्स के विश्लेषण के अनुसार, इस साल भारत में अरबपतियों की कुल संख्या 169 से घटकर 159 रह गई है। वहीं, 25 उद्योगपतियों की संपत्ति में 10% से अधिक की गिरावट आई है। इसके बावजूद, भारत अभी भी दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अरबपति देश बना हुआ है — अमेरिका और चीन के बाद।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है। भारत की डिजिटल इकॉनमी, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी से हो रहे विस्तार के चलते आने वाले वर्षों में फिर से अरबपतियों की संपत्ति में वृद्धि देखी जा सकती है।
कुल मिलाकर, फोर्ब्स की यह रिपोर्ट भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक संकेत है कि विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए स्थायी सुधार, निवेश प्रोत्साहन और वैश्विक बाजारों में स्थिरता बेहद जरूरी है।



