युवा रहें सतर्क! साइलेंट किलर हाई ब्लड प्रेशर अब कम उम्र में दे रहा दस्तक

आज के दौर में 20 से 30 वर्ष की उम्र के युवा खुद को फिट और हेल्दी मानकर निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे अलग हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है, अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। तेजी से बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव, देर रात तक जागना, फास्ट फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है। चिंताजनक बात यह है कि हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते। कई बार व्यक्ति सामान्य दिखता है, जिम भी जाता है और बाहर से पूरी तरह फिट नजर आता है, लेकिन अंदर ही अंदर रक्तचाप का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच चुका होता है। अगर समय रहते जांच और नियंत्रण न किया जाए तो यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की समस्या जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार 120/80 mmHg को सामान्य रक्तचाप माना जाता है, जबकि लगातार 140/90 या उससे अधिक रहना खतरे का संकेत है। युवाओं को चाहिए कि वे नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराएं, नमक का सेवन सीमित रखें, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं तथा रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग और ध्यान भी बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। फिट दिखना ही पर्याप्त नहीं है, अंदर से स्वस्थ रहना ज्यादा जरूरी है। इसलिए समय रहते जागरूक बनें और हाई ब्लड प्रेशर जैसी साइलेंट बीमारी को नजरअंदाज न करें।



