USS Abraham Lincoln Crisis: खराब खाना-टूटे टॉयलेट के बीच US ने भेजा नया युद्धपोत

अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln पर लंबे समय से जारी तैनाती के बीच सैनिकों की स्थिति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्टों और सैनिकों के परिवारों की शिकायतों में लंबे समय तक समुद्र में रहने, खाने-पीने की चीजों की कमी, खराब टॉयलेट और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं का जिक्र किया गया है।
250 दिन से ज्यादा समुद्र में रहा USS Lincoln
रिपोर्टों के मुताबिक Lincoln का क्रू करीब नौ महीने से लगातार तैनाती पर है और जहाज ने 250 से ज्यादा दिन बिना बंदरगाह पर रुके समुद्र में बिताए हैं। यह अमेरिकी विमानवाहक पोतों की आधुनिक तैनाती के संदर्भ में असाधारण रूप से लंबा समय है।
लंबी तैनाती का असर सैनिकों के मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने की आशंका जताई गई है। कुछ परिवारों ने सांसदों के सामने चिंता रखी कि लगातार समुद्र में रहने और घर से दूर रहने की वजह से सैनिकों पर भारी मानसिक दबाव बन रहा है।
आत्महत्या की कोशिशों की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू सैनिकों के पानी में कूदने की कोशिशों की रिपोर्ट है। Navy Times और Stars and Stripes से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, कई नाविकों द्वारा पानी में कूदने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि अमेरिकी नौसेना ने मानसिक स्वास्थ्य संकट में असामान्य वृद्धि के दावों को खारिज किया है।
परिवारों ने खराब भोजन, स्वच्छता संबंधी दिक्कतों और लंबे मिशन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। अमेरिकी सांसदों ने रक्षा विभाग से इन आरोपों पर जवाब मांगा है।
टूटे टॉयलेट और खाने की कमी का दावा
Lincoln के हालात को लेकर सामने आई शिकायतों में खाद्य सामग्री की कमी, पानी की समस्या, खराब प्लंबिंग और टूटे टॉयलेट जैसी बातें शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में जहाज पर पानी के दूषित होने और जरूरी सामान की आपूर्ति में बाधा का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इन दावों और अमेरिकी नौसेना के आधिकारिक आकलन के बीच अंतर है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खराब परिस्थितियों से जुड़ी रिपोर्टों को “पूरी तरह गलत तरीके से पेश” किया गया बताया है और कहा है कि सैनिकों को लगातार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
अब USS George Washington संभालेगा मोर्चा
इसी बीच अमेरिका ने USS George Washington को मध्य पूर्व की ओर रवाना किया है। यह विमानवाहक पोत आगे चलकर USS Abraham Lincoln को राहत देगा। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह रोटेशन पहले से निर्धारित योजना का हिस्सा है, हालांकि Lincoln की स्थिति को लेकर सामने आई खबरों के बीच इसका महत्व बढ़ गया है।
George Washington फिलहाल प्रशांत क्षेत्र से निकलकर हिंद महासागर की ओर बढ़ रहा है और इसके बाद मध्य पूर्व में Lincoln की जगह लेने की योजना है। इससे कुछ समय के लिए प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोत की मौजूदगी पर भी असर पड़ सकता है।
ट्रंप प्रशासन के लिए क्यों बढ़ी चुनौती?
USS Lincoln की स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका ईरान के साथ युद्ध और मध्य पूर्व में सैन्य अभियान के कारण अपने नौसैनिक संसाधनों पर लगातार दबाव डाल रहा है। लंबे मिशन ने न केवल सैनिकों की थकान और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अमेरिकी नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता और उपलब्ध विमानवाहक पोतों पर भी दबाव बढ़ाया है।
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि सैनिकों को पर्याप्त समर्थन दिया जा रहा है, जबकि परिवार और कुछ सांसद जहाज की वास्तविक परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। USS George Washington का पहुंचना Lincoln के क्रू को राहत देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



