Sri Lanka Jail Violence: मारे गए भारतीय का पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार, कोर्ट के आदेश पर दफन

श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में हुई हिंसा के दौरान मारे गए भारतीय नागरिक उन्नीकृष्णन के शव को आखिरकार दफना दिया गया। अदालत के निर्देश के बाद उनका अंतिम संस्कार पुलिस सुरक्षा के बीच सरकारी खर्च पर कराया गया। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी मौजूद रहीं।
जेल हिंसा में हुई थी मौत
उन्नीकृष्णन की मौत नेगोम्बो जेल में जुलाई में हुए हिंसक उपद्रव के दौरान हुई थी। इस घटना में कैदियों और जेल अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार जेल हिंसा में मरने वालों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था।
कोर्ट के आदेश के बाद हुआ अंतिम संस्कार
मामले में अदालत के हस्तक्षेप के बाद शव को दफनाने की प्रक्रिया पूरी की गई। सरकारी खर्च पर अंतिम संस्कार कराने का निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि शव को लंबे समय तक संबंधित प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखा गया था।
पुलिस सुरक्षा में दफनाया गया शव
अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। जेल हिंसा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए सुरक्षा बलों की मौजूदगी सुनिश्चित की।
नेगोम्बो जेल में क्या हुआ था?
नेगोम्बो जेल में जुलाई 2026 में हिंसा भड़क उठी थी। घटना के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 28 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी। हिंसा में जेल अधिकारियों समेत कई लोग घायल भी हुए थे।
भारतीय नागरिक की मौत से बढ़ी चिंता
जेल हिंसा में भारतीय नागरिक की मौत की खबर सामने आने के बाद भारतीय अधिकारियों की भी मामले पर नजर थी। विदेश में किसी भारतीय नागरिक की संदिग्ध या हिंसक परिस्थितियों में मौत होने पर उसके शव को भारत भेजने अथवा स्थानीय स्तर पर अंतिम संस्कार कराने की प्रक्रिया में कई कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं।
शव के अंतिम संस्कार में हुई देरी
उन्नीकृष्णन के शव के अंतिम संस्कार में देरी के पीछे कानूनी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों के निर्णय अहम रहे। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन को आगे की कार्रवाई का रास्ता मिला और शव को सरकारी खर्च पर दफनाया गया।
श्रीलंका की जेल व्यवस्था पर भी सवाल
इस हिंसक घटना ने श्रीलंका की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों के प्रबंधन को लेकर भी सवाल खड़े किए। बड़े पैमाने पर हिंसा के दौरान कैदियों और जेल कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
मामले पर आगे भी नजर
भारतीय नागरिक की मौत से जुड़े मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जेल हिंसा की जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं। साथ ही, मृतक के परिवार को घटना की परिस्थितियों और जांच से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना भी अहम होगा।
श्रीलंका की नेगोम्बो जेल हिंसा में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक उन्नीकृष्णन का पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार पूरा हो गया है। अदालत के आदेश के बाद सरकारी खर्च पर शव को दफनाया गया। यह घटना श्रीलंका की जेल सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों तक न्याय पहुंचाने के सवाल को भी सामने लाती है।



